कंपनी कशी सुरू करावी आणि भारतात कंपनी रजिस्टर करण्याची प्रक्रिया काय आहे?
कंपनी कशी सुरू करावी आणि भारतात कंपनी रजिस्टर करण्याची प्रक्रिया काय आहे?
कंपनी वह होती है, जो कुछ प्रशिक्षित लोग मिलकर बनाते हैं, जिसका उपयोग विभिन्न तरह के सामान बेचने व खरीदने के लिए या सेवाओं को प्रदान करने या फिर लेने के लिए किया जाता है. आज के समय में भारत देश में बहुत सी ऐसी कंपनी है, जो नंबर वन पर है, लेकिन बहुत सी ऐसी कंपनी है, जो आज तक संघर्ष कर रही हैं, क्योंकि आज के समय में बाजार में इतनी अधिक प्रतियोगिता बढ़ गई है, कि कोई भी बाजार में संतुलन नहीं बना पा रहा है. आज हम आपको विस्तारपूर्वक बताएंगे कि कंपनी क्या होती है और वह किस तरह से कार्य करती है, साथ ही बताएंगे कंपनी के कितने प्रकार होते हैं.
कंपनी क्या है ? (What is a Company ?)
कुछ चुने हुए प्रशिक्षित अधिकारी जब एक संगठन को मिलकर चलाते हैं, तो वह एक कंपनी बन जाती है. कंपनी में मौजूद शेयरधारकों द्वारा सामान बेचने व खरीदने के लिए या फिर सेवाओं का आदान प्रदान करने के लिए उस कंपनी का निर्माण किया जाता है. कुछ कंपनियां लाभकारी संगठन से जुड़ी होती है और कुछ कंपनियां गैर-लाभकारी संगठन के लिए भी कार्य करती हैं. एक अकेला इंसान किसी भी कंपनी को नहीं चला सकता है, उसे उस कंपनी को चलाने के लिए कई सारे श्रमिकों की आवश्यकता होती है, जिसके लिए वे कई लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं. कंपनियों को हक होता है, कि वे दूसरी कंपनियों के शेयर खरीद कर उन्हें अपने नाम कर सकती हैं व जरूरत पड़ने पर दूसरी कंपनियों पर मुकदमा भी कर सकती हैं. इसके अतिरिक्त एक कंपनी अपनी पूंजी वृद्धि के लिए बाजार से पैसा उधार भी लेती है व अपने शेयर बेच कर पैसे इकट्ठा भी करती है. यदि कानूनी रूप से देखा जाए, तो सभी प्रकार की कंपनियों के पास समान अधिकार व जिम्मेदारियां होती हैं. साथ ही उनके पास जिम्मेदारी के तौर पर कुछ कानूनी नियम भी होते हैं, जिनका अनुसरण करना उनके लिए अनिवार्य होता है. यदि कोई भी कंपनी कानून के बनाए हुए नियमों का उल्लंघन करती है, तो वे उनके लिए दंडनीय अपराध होता है.
कंपनी के प्रकार (Types of Company)
आमतौर पर कंपनी के कई सारे प्रकार होते हैं, जो निम्नलिखित है:-
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भारतात कंपनी सुरू करण्यासाठी खालील प्रक्रिया आहे:
- कंपनीचा प्रकार निश्चित करा:
प्रथम तुम्हाला कोणत्या प्रकारची कंपनी सुरू करायची आहे ते ठरवावे लागेल, जसे की प्रायव्हेट लिमिटेड कंपनी, पब्लिक लिमिटेड कंपनी, वन पर्सन कंपनी (OPC) किंवा लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP).
- नाव निश्चित करणे:
कंपनीसाठी एक युनिक नाव निवडा. हे नाव 'Ministry of Corporate Affairs' (MCA) च्या वेबसाइटवर उपलब्ध आहे की नाही ते तपासा.
- डायरेक्टर्स आयडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) आणि डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) मिळवणे:
कंपनीच्या डायरेक्टर्ससाठी DIN आणि DSC असणे आवश्यक आहे. DIN साठी अर्ज MCA पोर्टलवर करता येतो आणि DSC अधिकृत सर्टिफाइंग एजंटकडून मिळू शकते.
- कंपनी रजिस्ट्रेशनसाठी अर्ज:
MCA पोर्टलवर आवश्यक कागदपत्रे अपलोड करून कंपनी रजिस्ट्रेशनसाठी अर्ज करा.
- मेमोरेंडम ऑफ असोसिएशन (MoA) आणि आर्टिकल्स ऑफ असोसिएशन (AoA) तयार करणे:
कंपनीचे MoA आणि AoA तयार करा. MoA मध्ये कंपनीचा उद्देश आणि AoA मध्ये कंपनीचे नियम आणि कायदे नमूद केलेले असतात.
- पॅन (PAN) आणि टॅन (TAN) साठी अर्ज:
कंपनीला PAN आणि TAN मिळवणे आवश्यक आहे. यासाठी तुम्ही ऑनलाइन अर्ज करू शकता.
- कंपनीचे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिळवणे:
अर्ज आणि कागदपत्रेapproved झाल्यावर, MCA तुम्हाला कंपनीचे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करते.
- बँक खाते उघडणे:
कंपनीच्या नावाने बँकेत खाते उघडा.
- इतर आवश्यक परवानग्या आणि रजिस्ट्रेशन:
व्यवसायाच्या गरजेनुसार, इतर आवश्यक परवानग्या आणि रजिस्ट्रेशन मिळवा, जसे की GST रजिस्ट्रेशन.
कंपनी रजिस्टर करण्यासाठी आवश्यक कागदपत्रे:
- डायरेक्टर्सचा आयडी प्रूफ (आधार कार्ड, पासपोर्ट, Voter ID)
- ऍड्रेस प्रूफ (आधार कार्ड, बँक स्टेटमेंट, युटिलिटी बिल)
- पॅन कार्ड
- डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC)
- मेमोरेंडम ऑफ असोसिएशन (MoA)
- आर्टिकल्स ऑफ असोसिएशन (AoA)
- कंपनीचा रजिस्टर्ड ऑफिसचा पत्ता पुरावा
नोंद: कंपनी रजिस्ट्रेशनची प्रक्रिया वेळोवेळी बदलू शकते, त्यामुळे 'Ministry of Corporate Affairs' (MCA) च्या अधिकृत वेबसाइटला भेट देऊनcurrent माहिती घेणे महत्त्वाचे आहे.