कॅफे
नमस्कार! तुम्हाला कॅफे सुरू करायचा आहे, हे जाणून खूप आनंद झाला. मी तुम्हाला याबद्दल संपूर्ण माहिती देण्याचा प्रयत्न करेन. कॅफे सुरू करण्यासाठी काही महत्वाचे मुद्दे खालीलप्रमाणे:
1. व्यवसाय योजना (Business Plan):
- संकल्पना (Concept): तुमच्या कॅफेची संकल्पना काय असेल? (उदा. थीम, मेनू, वातावरण) हे निश्चित करा.
- लक्ष्यित ग्राहक (Target Customers): तुमचे ग्राहक कोण असतील? (उदा. विद्यार्थी, व्यावसायिक, कुटुंबे)
- बाजारपेठ विश्लेषण (Market Analysis): तुमच्या परिसरातील मागणी आणि स्पर्धेचा अभ्यास करा.
- मेनू (Menu): तुम्ही काय पदार्थ आणि पेये देणार आहात? किंमत काय असेल?
- खर्च (Expenses): जागा, उपकरणे, कर्मचारी, जाहिरात यावर किती खर्च येईल?
- उत्पन्न (Income): विक्रीतून किती उत्पन्न अपेक्षित आहे?
- ध financingण (Financing): तुम्हाला भांडवल कसे उभे करायचे आहे? (कर्ज, स्वतःची बचत)
2. जागा निवडणे (Location):
- स्थान (Location): कॅफेसाठी योग्य जागा शोधा. जिथे लोकांची वर्दळ जास्त असेल.
- आकार (Size): तुमच्या गरजेनुसार जागेचा आकार ठरवा.
- भाडे (Rent): जागेचे भाडे तुमच्या बजेटमध्ये असावे.
3. आवश्यक परवाने आणि नोंदणी (Licenses and Registration):
- FSSAI परवाना: अन्न सुरक्षा आणि मानक प्राधिकरणाकडून (Food Safety and Standards Authority of India) परवाना घ्या. FSSAI
- GST नोंदणी: वस्तू व सेवा कर (Goods and Services Tax) नोंदणी करा. GST
- शॉप ऍक्ट लायसन्स: तुमच्या राज्याच्या दुकाने आणि आस्थापना अधिनियम (Shops and Establishments Act) अंतर्गत परवाना घ्या.
- स्थानिक प्राಧಿಕरणाकडून परवाने: तुमच्या स्थानिक महानगरपालिका किंवा नगरपालिकेकडून आवश्यक परवाने मिळवा.
4. उपकरणे आणि फर्निचर (Equipment and Furniture):
- स्वयंपाकघर उपकरणे (Kitchen Equipment): कॉफी मशीन, ओव्हन, फ्रिज, मिक्सर, इत्यादी खरेदी करा.
- फर्निचर (Furniture): टेबल, खुर्च्या, काउंटर, इत्यादी खरेदी करा.
- इतर उपकरणे (Other Equipment): POS सिस्टम (Point of Sale), बिलिंग मशीन, इत्यादी.
5. कर्मचारी (Staff):
- कुक (Cook): चांगले पदार्थ बनवणारा आचारी (Chef) नेमा.
- वेटर (Waiter): ग्राहकांना सेवा देण्यासाठी वेटर नेमा.
- बारista (Barista): कॉफी बनवण्यासाठी Barista नेमा.
- व्यवस्थापक (Manager): कॅफेचे व्यवस्थापन करण्यासाठी Manager नेमा.
6. विपणन (Marketing):
- जाहिरात (Advertisement): तुमच्या कॅफेची जाहिरात करा.
- सोशल मीडिया (Social Media): फेसबुक, इंस्टाग्रामवर पेज तयार करा.
- ऑफर्स (Offers): सुरुवातीला काही आकर्षक ऑफर्स द्या.
- Loyalty Program: Loyalty Program सुरू करा.
7. इतर गोष्टी:
- स्वच्छता (Cleanliness): कॅफे नेहमी स्वच्छ ठेवा.
- ग्राहक सेवा (Customer Service): ग्राहकांना चांगली सेवा द्या.
- Feedback: ग्राहकांकडून Feedback घ्या आणि सुधारणा करा.
हे काही महत्वाचे मुद्दे आहेत. कॅफे सुरू करण्यापूर्वी या सर्व गोष्टींचा विचार करणे आवश्यक आहे.
तुम्हाला काही विशिष्ट माहिती हवी असल्यास, तपशीलवार प्रश्न विचारा.
सुबह सुबह जब हम नींद से उठते हैं, तो बस एक कप कॉफी या चाय की चुस्की लेने का जो मजा होता है, उसका तो क्या कहना. अगर आप भारतीय हैं, तो फिर कॉफी और चाय सुबह उठकर पहली पसंद होना तो लाजमी है. भारतीयों के कॉफी और चाय के इसी लगाव और पहली पसंद के कारण कॉफी के केफे और चाय के ठेले सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. धीरे धीरे कॉफी की डिमांड भारत में काफी तेजी से बढ़ती जा रही है और लोगों के अंदर जैसे-जैसे कॉफी के नए-नए फ्लेवर और ब्रांड आ रहे हैं, उससे लोग इनकी तरफ काफी आकर्षित हो रहे हैं. आप चाहे अपने फ्रेंड्स के साथ हो या फिर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने पहली डेट पर जा रहे हो, तो सबसे पहले हम कॉफी ही आर्डर करते हैं और कॉफी की चुस्कियां के साथ धीरे-धीरे अपने प्यार की बातें शुरू करते हुए अपने हमसफर के साथ एक नए रिश्ते की शुरुआत भी करते हैं.
ऐसे में कॉफी का बिजनेस करना यानी कि कॉफी शॉप या फिर कैफे खोलना भारत में काफी फायदेमंद हो सकता है आपके लिए.अगर रिपोर्ट की मानें तो 2015 से लेकर 2019 के बीच तकरीबन 11% कॉफी पीने वाले लोगों की तादाद भारत में सामान्य रूप से वृद्धि हुई है और धीरे-धीरे इसकी संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही हैं. ऐसे में अगर आप भी कॉफी का बिजनेस करना चाहते हैं, तो हम आपको बताते हैं, आप किस प्रकार अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और एक अच्छा कॉफी मैन बन सकते हैं.
1. अपनी कॉफी शॉप का ब्रांड नेम चुने –
देखिए इस प्रकार के बिजनेस में आपको एक ब्रांड नेम की जरूरत होती हैं, जिससे लोगों को आपके और आपके नए बिजनेस के बारे में पता चलता है. आप कोई भी अच्छा सा अपनी कॉफी शॉप पर या फिर कैफ़े के लिए एक नया नाम या फिर ब्रांड चुन सकते हैं. इसके लिए आपको थोड़ी मेहनत जरूर करनी पड़ेगी, क्योंकि मार्केट में काफी ज्यादा संख्या में कॉफी शॉप और कैफ़े खुले हुए हैं और उनके अपने खुद के आधिकारिक ब्रांड नेम है. हमेशा अपनी कॉफी शॉप या फिर कैफ़े का एक ऐसा ब्रांड नेम चुने, जो मार्केट में दूसरी जगह कहीं पर भी उपयोग में नहीं लिया गया होता, कि लोगों को आप के नए बिजनेस के बारे में जानने में काफी आसानी होगी और जितना नया नाम होगा लोग आपकी कॉफी शॉप की तरफ ज्यादा आकर्षित.
2. कॉफी बिजनेस शुरू करने के प्रकार (type of Coffee Shop Business) –
अगर सही मायने में देखा जाए, तो हम 7 प्रकार से अपना कॉफी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. ऐसा नहीं कि आप केवल कॉफी की दुकान लगाकर ही अपना कॉपी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं, इसके अलावा भी आप कई प्रकार से भी अपने कॉफी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो चलिए जानते हैं उनके बारे में –
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3. अपनी कॉफी शॉप के लिए सही स्थान का चयन (location for Coffee Shop)-
आप सर्वप्रथम एक ऐसी जगह का सही चयन करें, जहां पर लोग कुछ समय बैठकर आराम महसूस करें और अपने दोस्तों या फिर गर्लफ्रेंड के साथ आए, तो कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े. आजकल के युवाओं को इस प्रकार के कैफे बहुत पसंद आते हैं, जहां का व्यू अच्छा हो जहां की लोकेशन बढ़िया हो. उसके अलावा आपको यह भी जान लेना जरूरी होगा, कि आप जिस स्थान पर अपनी कॉफी शॉप खोलने जा रहे हो, वहां पर कितने लोग रहते हैं, यानी की जनसंख्या का आधार क्या है. अपनी कॉफी शॉप को लोगों के अनुसार अच्छी दृश्यता वाले स्थान पर ही लगाएं. किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आप सबसे पहले यही सुनिश्चित कर लें, आपने जहां पर अपनी कॉफी शॉप डालनी है, वहां पर भविष्य में आपको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े.
कॉफी शॉप के लिए मैंन्यू तैयार करे –
सबसे जरूरी और खास बात होती हैं, आप अपने कस्टमर को क्या प्रोवाइड करवाते हो. यानी कि अगर आपकी कॉफी की शॉप है, तो आप अपने कस्टमर को कितने प्रकार की कॉफी और किस दाम पर उपलब्ध करवाते हैं. अगर आपके द्वारा दी जाने वाले पेय पदार्थों की कीमत सामान्य तौर से अधिक है, तो फिर आपको फायदा होने के चांस बहुत ही कम हो जाते हैं. तो सबसे पहले जब भी आप अपनी कॉफी शॉप को शुरू करें, तो अच्छा सा मैंन्यू तैयार करें. अपनी पेय पदार्थों की कीमत भी इस हिसाब से तय करें, कि आपको आपका मुनाफा मिल जाए और कस्टमर भी संतुष्ट रहें, आप की कीमत से.
5. कॉफी शॉप के लिए अधिकारिक लाइसेंस (License and Registration)-
सबसे पहले आपको आधिकारिक लाइसेंस की जरूरत पड़ती है, अगर आप किसी भी प्रकार के खाद्य या फिर पर पदार्थों को बेचते हैं. इसके लिए आपको एस एस एस आई के द्वारा अधिकारी का लाइसेंस प्राप्त करना होगा, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिए. लाइसेंस मिलने के लिए सबसे पहले आपके द्वारा बेचने वाले सभी पे पदार्थों की ऐप्स एसएसआई के द्वारा जांच की जाएगी, उसके बाद ही आप को लाइसेंस दिया जाएगा, ताकि आप अपने पे पदार्थों को कस्टमर तक पहुंचा सके. इसके लिए आप एस एस एस आई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और वहां से आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं, अपनी कॉफी शॉप के लिए. एक बार जब आपके पास अपनी कॉफी शॉप को शुरू करने के लिए अधिकारी का लाइसेंस प्राप्त हो जाएगा, उसके बाद आपको किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा. यह अधिकारी का लाइसेंस आपको भविष्य में होने वाली कानूनी कार्रवाई से बचाता है और सुनिश्चित करता है कि आपका बिजनेस आधिकारिक रूप से माननीय है.
6. कॉफी शॉप के लिए जरूरी उपकरण (Equipment for Coffee Shop) –
जब हम किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ का बिजनेस शुरू करते हैं, तो इसके लिए हमें उन्हें तैयार करना पड़ता है. इन खाद्य पदार्थों को तैयार करने के लिए आपको मशीनी उपकरणों की आवश्यकता पड़ती हैं. आप हमेशा अच्छी जगह से ही अच्छी मशीनी उपकरणों का इस्तेमाल करें अपनी कॉफी शॉप के लिए ताकि ना ही आपके कस्टमर को परेशानी आए पेय पदार्थ में और ना ही आपको. क्योंकि अगर आपके द्वारा पेश की गई कॉफी आपके कस्टमर को पसंद नहीं आई, तो वह दोबारा नहीं आएगा और इसका नुकसान आप को भुगतना पड़ेगा, तो हमेशा अच्छे मशीनी उपकरणों का इस्तेमाल करें. इसके अलावा हमने नीचे कुछ नाम बताए हैं आप इन मशीनी उपकरणों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं –
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ऊपर दिए गए इन सभी मशीनी उपकरणों के अलावा भी आप अपनी जरूरत के अनुसार अन्य मशीनी उपकरणों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
7. कस्टमर सर्विस और उनके लिए रिकवरी सर्विस (Customer Service in Coffee Shop)-
सबसे जरूरी और खास बात एक बिजनेस करने वाले व्यक्ति के लिए यह होती है, कि वह हमेशा अपने कस्टमर के लिए कोई भी परेशानी ना आने दे, उसके लिए कस्टमर भगवान के बराबर होना चाहिए. इसीलिए आपको भी कस्टमर को अच्छी से अच्छी सर्विस देनी है, जैसे कि फ्री वाईफाई बिल सर्विस. जैसे आजकल ज्यादातर लोग टेबल सेवा पर विश्वास नहीं करते हैं और ना ही उन्हें इतनी पसंद आती, क्योंकि टेबल सर्विस पर बिल पेमेंट करना लोगों को इतना पसंद नहीं आता है, उन्हें डिस्टरबेंस महसूस होता है. ऐसे में आपने कस्टमर को काउंटर सेवा उपलब्ध करवाएं. इसके अलावा कॉफी शॉप में आने वाले ज्यादातर कस्टमर अकेले आते हैं और वह हमेशा अपने मोबाइल और लैपटॉप पर काम करने के लिए आते हैं, तो उन्हें हमेशा इंटरनेट की जरूरत तो पड़ती हैं. ऐसे में अपने कस्टमर को अच्छी सुविधा देने के लिए आप फ्री वाईफाई उपलब्ध करवाएं. अच्छी इंटरनेट स्पीड और फ्री वाईफाई के कारण आपका कस्टमर भी आपकी शॉप में ज्यादा देर तक बैठा रहेगा, जिससे बहुत ज्यादा कॉफी मंगवा सकता है और मुनाफा आखिर में आपको होगा. इसके अलावा यह आपकी निजी सोच पर भी डिपेंड करता है, कि आप लोगों को फ्री वाईफाई उपलब्ध करवाएं या फिर आप उनसे एक्स्ट्रा चार्ज भी ले सकते हैं, इसका निर्णय आपको खुद को करना है, अपने कस्टमर बेस के आधार पर.
कॉफी शॉप के लिए अच्छी मार्केटिंग करना (Marketing For coffee Shop)-
आप चाहे कितना भी छोटा बिजनेस क्यों ना शुरू कर ले या फिर कोई बड़ा बिजनेस क्यों ना शुरू कर ले, जब तक लोगों को आपके बिजनेस के बारे में पता नहीं होगा तब तक आप को किसी भी प्रकार का कोई भी लाभ अपने बिजनेस में नहीं मिलेगा. ऐसे में आपको सबसे पहले अपने बिजनेस की मार्केटिंग करना बहुत जरूरी होता है. इसके लिए आप अपनी खुद की पर्सनल वेबसाइट भी तैयार कर सकते हैं, जिस पर आप अपने नए बिजनेस के बारे में पूरी जानकारी दे सकते हैं और कॉफी से जुड़े लोगों को कुछ अच्छी और फायदेमंद जानकारियां भी प्रोवाइड करवा सकते हैं. इसके अलावा आप ऑफलाइन विज्ञापन भी कर सकते हैं, जैसे कि बैनर और पोस्टर लगाकर उसके अलावा आप विजिटिंग कार्ड भी बना सकते हैं, फिर उन्हें आसपास के लोगों में घर-घर जाकर बांट सकते हैं, जिस पर आपकी पूरी जानकारी दी गई. इस प्रकार आप अपने नए बिजनेस के लिए अच्छी मार्केटिंग जरूर करें आपको फायदा अवश्य मिलेगा.
9. कॉफी बिजनेस के लिए इन्वेस्टमेंट और प्रॉफिट (Investment and profit in Coffee Shop) –
अगर आपने ऊपर दी गई इन सभी बातों पर अमल करते हुए पक्का निर्णय बना लिया है, कि आपको कॉफी शॉप या फिर कैफ़े का बिजनेस स्टार्ट करना है, तो बिल्कुल भी देरी मत कीजिए. इसके अलावा शुरुआती दौर में आपको थोड़ी यानी कि काफी इन्वेस्टमेंट भी करनी होगी, अपने बिजनेस को शुरुआत करने के लिए. इस प्रकार के स्टार्टअप में आपको बस इन्वेस्टमेंट एक बार के लिए अच्छी करनी पड़ती है, अगर आप अपने कस्टमर को सही कीमत और सही चीज प्रोवाइड करवाते हैं, तो आपको हमेशा मुनाफा ही होगा. आप यह सोच कर कभी मत घबराइए, कि आपने इतना इन्वेस्टमेंट कर दिया है, तो अब हमें जल्द से जल्द इसका प्रॉफिट भी मिलेगा. किसी भी बिजनेस में इतनी आसानी से और इतनी जल्दबाजी में कभी भी प्रॉफिट नहीं मिलता है, इसके लिए आपको मेहनत और लगन से अपने बिजनेस को आगे ले जाना पड़ेगा. इन सभी बातों पर गौर करते हुए अपने बिजनेस को शुरू कीजिए और एक अच्छे शिखर तक पहुंचाइए यही हमारी कामना है.
10. कॉफी बिजनेस के लिए एंप्लॉयमेंट की जरूरत (Employee For Coffee Shop Business)-
बिजनेस चाहे कैसा भी हो, उस को आगे बढ़ाने के लिए आपको एंप्लॉय या फिर कर्मचारियों की जरूरत तो पड़ेगी. आप चाहे अकेले जितनी मर्जी कोशिश कर ले, लेकिन बिना अपने कर्मचारियों के आप इस बिजनेस को इतना आगे नहीं ले जा पाएंगे. ऐसे में आपको एक अच्छी सी मीटिंग या फिर पोस्टर पर अपने नए बिजनेस के बारे में लोगों के साथ जानकारियां शेयर कर सकते हैं और अपने नए बिजनेस की शुरुआत के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता के लिए वैकेंसी भी निकाल सकते हैं. ऐसे में नए युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और साथ ही साथ आपके बिजनेस के लिए आपको अच्छे एंप्लॉय भी मिल जाएंगे.
कॉफी बिजनेस के लिए अच्छी ट्रेनिंग (Training For Coffee Shop Business)
सर्वप्रथम आपको इस बिजनेस को चलाने के लिए थोड़ी बहुत मेहनत करनी पड़ेगी, जैसे कि आपको इस बिजनेस को समझने के लिए पहले ट्रेनिंग करनी चाहिए. आप जितना हो सके अपने आसपास के बड़े बड़े बिजनेसमैन से मिलिए, उनके आईडिया जानिए और समझिए वह अपने बिजनेस को आगे ले जाने के लिए क्या-क्या करते हैं. इस प्रकार एक अच्छा बिजनेसमैन बनने के लिए आपको और आपके कर्मचारियों को भी ट्रेनिंग की जरूरत होती है. ऐसे में आप अपने कर्मचारियों को अच्छी सी ट्रेनिंग दीजिए तथा उन्हें समझाइए कि, किस प्रकार से और कैसे कॉफी शॉप के पूरे मैनेजमेंट को संभालना है और कभी भी अपने कस्टमर को किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी ना आने देनी है
पर्यटन: दीव आणि दमण हे दोन्ही केंद्रशासित प्रदेश असल्याने येथे पर्यटकांची सतत वर्दळ असते.
शहरीकरण: या शहरांमध्ये शहरीकरण वाढत आहे, ज्यामुळे आधुनिक कॅफे संस्कृतीला वाव मिळू शकतो.
समुद्रकिनारे: दीव आणि दमण हे समुद्रकिनारी असलेले शहरे असल्यामुळे, कॉफी कॅफेसाठी ते आकर्षक ठिकाणे ठरू शकतात.
स्पर्धा: आधीपासून अस्तित्वात असलेले कॉफी शॉप्स आणि रेस्टॉरंट्स यांच्याशी स्पर्धा करावी लागेल.
स्थानिक आवडीनिवडी: स्थानिक लोकांच्या आवडीनिवडी आणि गरजा समजून घेणे महत्त्वाचे आहे.
परवाना आणि नियम: व्यवसाय सुरू करण्यासाठी आवश्यक परवाने आणि नियमांचे पालन करणे आवश्यक आहे.
दीव दमणमध्ये कॉफी कॅफे उघडण्यासाठी संधी नक्कीच आहेत, परंतु त्यासाठी योग्य नियोजन, बाजारपेठेचा अभ्यास आणि स्थानिक लोकांच्या आवडीनिवडीनुसार बदल करणे आवश्यक आहे.
कॉफी शॉप सुरू करण्यासाठी तपशीलवार माहिती खालीलप्रमाणे:
उद्देश आणि ध्येय (Objectives and Goals): तुमचा कॉफी शॉप सुरू करण्याचा उद्देश काय आहे आणि भविष्यात तुम्हाला ते कोणत्या उंचीवर न्यायचे आहे, हे निश्चित करा.
बाजारपेठ विश्लेषण (Market Analysis): तुमच्या परिसरातील लोकांची गरज, आवड आणि competitor कोण आहेत, याचा अभ्यास करा.
उत्पादने आणि सेवा (Products and Services): तुम्ही कॉफीसोबत काय offer करणार आहात - जसे की स्नॅक्स, बेकरी उत्पादने, किंवा इतर पेय.
विपणन योजना (Marketing Plan): तुमच्या कॉफी शॉपची जाहिरात कशी करणार आहात, Social Media वापरणार की नाही, ठरवा.
आर्थिक नियोजन (Financial Planning): भांडवल किती लागणार आहे, खर्च किती येईल आणि नफा किती होईल, याचा अंदाज तयार करा.
अशी जागा शोधा जिथे लोकांची नेहमी वर्दळ असते, जसे की कॉलेजच्या जवळ, ऑफिसच्याजवळ किंवा मार्केटमध्ये.
जागा निवडताना पार्किंगची सोय आणि वाहतूक लक्षात घ्या.
जागेचे भाडे तुमच्या बजेटमध्ये असावे.
FSSAI license (भारतीय अन्न सुरक्षा आणि मानक प्राधिकरण) आवश्यक आहे. https://www.fssai.gov.in/
Shop and Establishment Act License तुमच्या राज्यानुसार आवश्यक आहे.
GST registration (वस्तू आणि सेवा कर) आवश्यक आहे. https://www.gst.gov.in/
स्थानिक प्राधिकरणाकडून (local authority) आवश्यक परवाने घ्या.
कॉफी मशीन, ग्राइंडर (grinder) आणि इतर कॉफी बनवणारी उपकरणे.
फ्रिज, ओव्हन (oven) आणि इतर kitchen उपकरणे.
टेबल, खुर्च्या, सोफा (sofa) आणि काउंटर (counter).
POS (Point of Sale) system बिलिंगसाठी.
Barista (कॉफी बनवणारा).
Waiters/waitresses (part-time staff).
स्वयंपाकी (cook) - जर तुम्ही खाद्यपदार्थ serve करणार असाल तर.
व्यवस्थापक (manager) - store manage करण्यासाठी.
विविध प्रकारच्या कॉफी (espresso, latte, cappuccino).
चहा, ज्यूस (juice) आणि इतर पेये.
स्नॅक्स (snacks) आणि खाद्यपदार्थ (sandwich, burger).
Desserts (केक, pastry).
Social media marketing (Facebook, Instagram).
Local जाहिरात (newspapers, pamphlets).
Opening offers आणि discounts.
Loyalty programs (loyalty programs).
उपकरणे आणि फर्निचर: ₹2,00,000 - ₹5,00,000.
जागेचे भाडे आणि deposit: ₹50,000 - ₹1,00,000 (per month).
स्टाफ (staff) पगार: ₹30,000 - ₹70,000 (per month).
Raw materials: ₹20,000 - ₹40,000 (per month).
विपणन आणि जाहिरात: ₹10,000 - ₹20,000.
इतर खर्च: ₹10,000 - ₹30,000.
त्यानंतर तुमच्या चहा किंवा कॉफी ला टेस्ट असली पाहिजे
त्यानंतर तुम्ही खर्च आणि उत्पादन या गोष्टींकडे लक्ष देणे आवश्यक आहे